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माता के दर्शनों का समय प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से सायं 8:30 बजे तक है। मध्यान्ह 12 बजे माता को भोग लगाया जाता है, जिसके दौरान आधे घंटे के लिये दर्शन प्रतिबंधित होता है। नवरात्र को छोड़कर सामान्य दिनों में श्रद्धालु लगभग आधे घंटे में ही माता के दर्शन कर के वापस आ सकते हैं। किंतु नवरात्र के दौरान देश भर से दिन रात पधारते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण दर्शनों में कुछ समय लग जाना स्वाभाविक है। स्मरण रहे, दर्शन सभी लोगों के लिये निःशुल्क है।
अतः जब भी नवरात्र के समय आप मंदिर पधारें, कृपया दर्शनों के लिये पर्याप्त समय का प्रावधान रखें। दर्शनों के अलावा नवरात्र के समय आप ट्रस्ट द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों को देख भी सकते हैं और उनमें भाग भी ले सकते हैं।
नवरात्र के दौरान मंदिर दर्शनों के लिये रात्रि 12 बजे तक खुला रहता है।
मां महामाया मंदिर बिलासपुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग से लगभग आधा किलोमीटर हटकर है। इस आधा किलोमीटर रास्ते पर माता की अर्चना के लिए पूजा सामग्री विक्रय करने वाली दर्जनों छोटी दुकानें हैं। इनमें माता की पूजा के लिये नारियल अगरबत्ती से लेकर माता के संपूर्ण श्रृंगार की सामग्री उपलब्ध रहती है। आप अपने लिये श्रद्धानुसार पूजा सामग्री का चयन भी कर सकते हैं।
पूजा सामग्री खरीदने के पश्चात आप ट्रस्ट द्वारा संचालित निःशुल्क पादुका केंद्र (Free shoe-care stall) पर जाकर अपने जुते चप्पल आदि दर्शन करके लौटने तक के समय के लिये सुरक्षित रख सकते हैं। जूते चप्पल आदि पहन कर माता के दर्शन करना वर्जित है।
मुख्य परकोटे के बाहर पानी का नल है। कृपया मंदिर में प्रवेश के पूर्व अपने हाथ पैर मुंह जल से धोकर उसके बाद ही मंदिर में प्रवेश करें। यद्यपि यह आवश्यक नहीं है किंतु मंदिर की पवित्रता एवं साफ सफाई की दृष्टि से वांछनीय है।
आपके मंदिर पधारने के समय/दिन के आधार पर आपको दर्शनों के लिये कतार में भी खड़ा रहना पड़ सकता है। विशेषकर, नवरात्र के दिनों में दर्शन करने में काफी समय भी लग सकता है। किंतु जब आप माता के दर्शनों एवं आशीर्वाद के लिये इतना दूर दूर से पधारते हैं तो उसकी तुलना में यह कष्ट बिलकुल क्षुद्र है।
सोमवार चैत्र शुक्ल 1
तदनुसार 7 अप्रैल 2008
प्रातः 9:40 बजे से |
कलश स्थापना
देवी शोडषोपचार
श्रीमद् देवी भागवद्
श्रीमद् भागवद्
दुर्गा सप्तशती
शत्चण्डी यज्ञ |
रविवार चैत्र शुक्ल 8
तदनुसार 13 अप्रैल 2008
मध्यान्ह 12:00 बजे से सायं 6:00
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महा अष्टमी पूजन
हवन
पूर्णाहुति |
सोमवार चैत्र शुक्ल 9
तदनुसार 14 अप्रैल 2008
प्रातः 7:00 बजे से |
राजसी श्रृंगार दर्शन |
सोमवार चैत्र शुक्ल 9
तदनुसार 14 अप्रैल 2008
प्रात: 10:30 बजे से |
राजसी नैवेद्य कन्या ब्राह्मण भोज
दक्षिणा
प्रसाद वितरण
विसर्जन |
नवरात्र के दौरान प्रतिदिन
प्रातः 5:30 बजे |
आरती |
नवरात्र के दौरान प्रतिदिन
सायं 7:00 बजे |
चालीसा स्तोत्र पाठ
आरती |
| नवरात्र के दौरान प्रतिदिन |
प्रसाद एवं कलश सिक्कों का वितरण
निःशुल्क भंडारा |
नवरात्र के दौरान प्रतिदिन
प्रात: 9:00 से 12:00 बजे
सायं 3:00 से 6:00 बजे |
ज्ञान यज्ञः श्रीमद् भागवद् प्रवचन
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नवरात्र के दौरान प्रतिदिन
रात्रि 9:00 बजे से |
माता सेवा जसगीत पुरस्कार वितरण |
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